आपको भी नहीं पता होगा की अंत क्या है?...मुझे भी नही पता लेकिन 'ज़िन्दगी' है...ये मालूम है। प्यार एहसास है या फिर एक रवायत? जिसे कुछ लोग समझते है और निभाते हैं...और कुछ लोग तो समझ नहीं पाते, निभाना तो दूर की बात है। लेकिन एक चीज जो मैंने अपने अनुभव से समझा की प्यार न तो एहसास है न ही रवायत। प्यार सिर्फ एक हवा का झोंका है जो एक बार आपकी ज़िंदगी से हो कर कुछ पल के लिए गुजरता है।
मोहब्बत और ज़िन्दगी नदी के वो दो अलग किनारे हैं जो मिल नहीं सकते। आप मेरे इस अनुभव को सिरे से खारिज कर देंगे क्योंकि मैं आपके हिसाब से बिलकुल जाहिलों वाली बात कर रहा हूं। हां कर रहा हूं क्योंकि मैं इतना ही समझ पाया हूं खुद से...। क्योंकि मोहब्बत सिर्फ कुछ पलों का नाम है, जो अगर आपकी ज़िन्दगी में आई तो गुज़र जायेगी। हां, एक बात और इस पल में कुछ भी हक़ीकत नहीं होता है इसलिए इस पल की बुनियाद पर ज़िन्दगी की कल्पना कभी नहीं की जा सकती। ज़िन्दगी की बुनियाद तो हक़ीकत के दम पर होती है। जो की मोहब्बत में नहीं हो सकती। खैर, मोहब्बत के आगे का सफर बहुत लंबा होता है, साथ में कठिन भी जिस पर चलने के लिए हिम्मत और साहस की ज़रुरत होती है।
मैं जहां तक समझ पाया वो ऐसा है कि...
अगर कारवां के कुछ कदम हसीं अफ़साने के दाम गुजर जाये तो क्या बुरा है
क्योंकि हक़ीकत के रास्ते तो बहुत पथरीले है साहब
प्रणव झा©
मोहब्बत और ज़िन्दगी नदी के वो दो अलग किनारे हैं जो मिल नहीं सकते। आप मेरे इस अनुभव को सिरे से खारिज कर देंगे क्योंकि मैं आपके हिसाब से बिलकुल जाहिलों वाली बात कर रहा हूं। हां कर रहा हूं क्योंकि मैं इतना ही समझ पाया हूं खुद से...। क्योंकि मोहब्बत सिर्फ कुछ पलों का नाम है, जो अगर आपकी ज़िन्दगी में आई तो गुज़र जायेगी। हां, एक बात और इस पल में कुछ भी हक़ीकत नहीं होता है इसलिए इस पल की बुनियाद पर ज़िन्दगी की कल्पना कभी नहीं की जा सकती। ज़िन्दगी की बुनियाद तो हक़ीकत के दम पर होती है। जो की मोहब्बत में नहीं हो सकती। खैर, मोहब्बत के आगे का सफर बहुत लंबा होता है, साथ में कठिन भी जिस पर चलने के लिए हिम्मत और साहस की ज़रुरत होती है।
मैं जहां तक समझ पाया वो ऐसा है कि...
अगर कारवां के कुछ कदम हसीं अफ़साने के दाम गुजर जाये तो क्या बुरा है
क्योंकि हक़ीकत के रास्ते तो बहुत पथरीले है साहब
प्रणव झा©
