सत्ता जब जागीर बन जाए और पार्टी प्राइवेट प्रोपर्टी तब शासक जनता से ऊपर हो जाता है और कल तक एक सेवक राजा कहलाता है। राम मनोहर लोहिया जिस सूत्र को प्रतिपादित कर समाज को बेहतरिन बनाने के लिए समाजवाद का सपना देखा था आज उस सपने को मुलायम सिंह ने अपवाद बना दिया।
शेफई के मंच पर समाजवाद को फिल्मी ठुमके पर नचाने के बाद भी जब मुलायम परिवार या युं कहें कि समाजवाद परिवार को ठंडक नहीं पुहंची तो 75वां वसंत देख चुके समाजवादी योद्धा मुलायम सिंह का जन्मोत्सब मनाया गया और पूरे सूबे को बताया गया कि देखो कैसे ‘सेवक’ से ‘स्वामी’ बना जाता है।
उत्तर प्रदेश की जनता की आंखे भूल चुकी होगी मुगलिया अंदाज को लेकिन उनकी प्यासी आंखों की तरस खत्म हो गई जब प्रदेश के नये स्वामी रथ पर सवार हो कर रामपूर के धरती को कृतार्थ किया। ये बग्धी लंदन से भाई आजम खां के द्वारा मंगाई गई थी अपने रहनुमा को नजराने के लिए।
75 फीट का केक बनवाया गया। 2 करोड़ में पंडाल बनाए गए और करीब 20 लाख रुपए मधुर तान छेड़ने वाले आकाओं को दिया गया। इस महान संस्कृति धरोहर को आगे बढ़ाने के लिए सांस्कृतिक मंत्रालाय ने 20 लाख रुपए हसिनाओं के ठुमके पर उड़ दिए। राजा जी के लफरते लव्जों को सुनने के लिए राज्य के मंत्री से लेकर संतरी तक तैनात था। 12 हजार कांस्टेबल, 27 डिप्टी एसपी और दो एसपी रैंक के ऑफिसर चक्रव्यूह बना कर बिना पलक झुकाए अपने नरेश की सुरक्षा में खड़ा था।
कमसिन हसिनाओं के चिकने काये पर हजारों नजरें फिसलते रहें ठुमके पर ठुमके लगे तो तालियों की गूंज चारों दिशा में फैली तो उन मांओं की जीख को दफ्न हो गई जो अपनी इज्जत लुटी और पेड़ से लटकी बेटी को को उतारी थी। पश्चमी उत्तर प्रदेश के चीथड़े जिस्म पर अभी दवा नहीं लगी लेकिन समाजवादियों कि सुरमयी रात में नाचते हुस्न की मलिकाओं के डांस पर सीटियां जरूर बजी जिसने उत्तर प्रदेश में हुऐ दंगों में मारे जाने वाले लोगों के परिवार की आवाज को जमींदोज कर दिया। उद्धयोगपति से लेकर खोमचेवालों और खून पसीना बहा कर मेहनत करने वाले लोगों का पैसा जब डांसर के पतली कमर पर बरसाया गया तो एक रोटी के लिए सड़क के किनारे खुले आसमान में कुत्तों के साथ सोए लोग की उम्मीद जल कर राख हो गई।
क्या तस्वीर है इस प्रदेश की.... जहां सड़क के एक तरफ उजड़े और जले हुए मकान रो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जन्मोत्सव में लड़ियां लगी हुई है क्योंकि ये उत्तर प्रदेश है और राम मनोहर लोहिया का समाज और मुलायम का ‘अप’वाद ये है अखिलेश का समाजवाद.....।
Pranav Jha





