Friday, 10 August 2012

वक्त ना रुकेगा

वक्त न रुका है ना रुकेगा
दिल का दर्द ना कोई देखा है ना देखेगा
आज गम में कोई नहीं सरीक होने वाला
कल खुशियों की दामन में आएंगे हजार चाहने वाला

आज के दर्पण में जो कल खोजेगा
आसमनी बुलंदियों को बस वही चुमेगा
वक्त ना रुका है ना रुकेगा....

हर सांस लेने से हर सांस उखड़ता रहेगा
मोम की कतरों की तरह ज़िंदगी का सफर कटता रहेगा
जो गम के भंवर में खुशियां टटोलेगा
वही ज़िंदगी को हर पल जी पाएगा
वक्त ना रुका है ना रुकेगा....

कोई नहीं इन सांसो को गिननेवाला
कोई नहीं पल को एक पलभर भी थामने वाला
जो हर पल को जो हर सांस में जीएगा
वही हालात को बदल पाएगा
वक्त ना रुका है ना रुकेगा
दिल का दर्द ना कोई देखा है ना देखेगा...

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