Wednesday, 10 June 2015

आज़ादी की मौत!

संविधान की धाराओं में उल्लेख अभिव्यक्ति की आज़ादी को युपी के समाजवादी सरकार ने तब जला कर राख कर दिया जब शाहजहांपुर के पत्रकार जगेंद्र सिंह की मौत हुई। पत्रकार महोदय का अपराध सिर्फ इतना था कि उसने अखिलेश सरकार के पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के काले करतूत के बारे में फेसबुक पर लिख दिया। अब मंत्री जी ठहरे बाहुबली तो कैसे बर्दाश्त करते....तो पत्रकार को जला कर ही मार दिया।

पत्रकार जगेंद्र के ग़ुस्ताख़ी से बौखलाए मंत्री जी ने पहले तो उसके खिलाफ कोतवाली थाना में लूट, अपहरण और हत्या के प्रयासों का मामला दर्ज करा दिया। फिर मंत्री जी के दबाव में कोतवाली थाना के कोतवाल श्रीप्रकाश राय ने पत्रकार के घर पर दबिश देना शुरू कर दिया। पूछताछ के दौरान कोतवाल ने पत्रकार से मारपीट की और गुस्से में आ कर जगेंद्र के ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी। आग से झुलसने के बाद जब जगेंद्र को अस्पताल ले जाया गया तो अस्पताल ने उसे मृत घोषित कर दिया।

जगेंद्र की मौत के बाद जब मामला सामने आया तो पुलिस पत्रकार को भगोड़ा बता रही है। वहीं एसपी बबलू कुमार बता रहे हैं कि जगेंद्र पर पहले से ही मुकदमा था। इसलिए पुलिस जगेंद्र के घर पर दबिश दे रही थी। जहां पत्रकार ने अपने ऊपर पेट्रोल डाल कर आग लगा ली।

वहीं पत्रकार जगेंद्र की पत्नी शालिनी बताती है कि 'जब वह घर से निकली तो रास्ते में ही पुलिसवालों ने उन्हें गाड़ी में बैठा लिए और बाद में उन्हें जबरदस्ती उनके घर पर ही ले गए जहां दो लोगों ने हम दोनों से मारपीट करना शुरु कर दिया और बाद में हम दोनों पर पेट्रोल डाल दिया....मैं किसी तरह से वहां से भाग निकली लेकिन जगेंद्र को इन लोगों ने आग लगा कर जला दिया।'

महज़ फेसबुक पर लिखने का ऐसा अंजाम हो सकता है कोई सोच भी नहीं सकता था, लेकिन इस घटना को सच कर दिखाया समाजवाद के वीर राममूर्ति सिंह ने। वाह रे! समाजवाद.....अगर लिखने और बोलने पर सज़ा मौत मुकर्रर होती है तो मुल्क की आज़ादी एक छलावा भर ही है। आज समाज़वाद का लिबास पहने ऐसे दरिंदों ने आज़ादी से लेकर इंसानियत तक की परिभाषा को जला कर राख कर दिया। जनता की भावना को ठोकर का पत्थर समझनेवाले 'सफेदपोश गुनहगारों' ने उत्तर प्रदेश के 'इतिहास' को 'संगम' में डुबा कर मार दिया और लोहिया के सिद्धांत को लोहिया के साथ ही पंचभूत में मिला दिया। लोहिया के समाज़वाद को रोते देख हर बार सोचता हूं कि पता नहीं किस समाजवाद की कल्पना कर मुलायम सिंह यादव ने उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का गठन किया था?

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